खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा



खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा
तो खुद भी ज़रूर आजमाया होगा
हमारी तो औकात ही क्या है
इस इश्क़ ने खुदा को भी ज़रूर रुलाया होगा

झूठी मुस्कान लिए दर्द छुपाते रहे



ना ज़िन्द्दगी मिली न वफ़ा मिली,
क्यों हर ख़ुशी हमसे खफा मिली,
झूठी मुस्कान लिए दर्द छुपाते रहे,
सच प्यार करने की क्या खूब सजा मिली