तेरे आने की उम्मीद..

दिल अपने को एक मंदिर बना रखा है,
उस के अंदर बस तुझ को बसा रखा है,
रखता हूँ तेरी चाहत की तमन्ना रात दिन,
तेरे आने की उम्मीद का दिया जला रखा है।

फ़िज़ा की महकती शाम हो तुम..

फ़िज़ा की महकती शाम हो तुम,
प्यार में छलकता जाम हो तुम,
सीने में छुपाये फिरता हूँ यादें तुम्हारी,
इसलिए मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम!

तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे..

तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे,
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे,
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।

मुझे गले लगा लो फिर..

चंद साँसे बची हैं आखिरी बार दीदार दे दो,
झूठा ही सही एक बार मगर तुम प्यार दे दो,
जिंदगी वीरान थी और मौत भी गुमनाम ना हो,
मुझे गले लगा लो फिर मौत मुझे हजार दे दो।

मेरी जान मे तुम हो...

मेरी यादो मे तुम हो, या मुझ मे ही तुम हो,
मेरे खयालो मे तुम हो, या मेरा खयाल ही तुम हो,
दिल मेरा धडक के पूछे, बार बार एक ही बात,
मेरी जान मे तुम हो, या मेरी जान ही तुम हो।

मैं रास्ता याद रखता हूँ.

ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ,
मुझे तुम से मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ,
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है,
मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ।

हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी..

आँखों में आंसुओं की लकीर बन गयी,
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गयी,
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी,
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गयी।

जहाँ तक तुम हो..

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।

यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले..

हर बात का कोई जवाब नही होता,
हर इश्क का नाम खराब नही होता,
यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले,
मगर हर नशे का नाम शराब नही होता।

ना जाने क्या बात थी उनमे...

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमे और हम में,
सारी महफ़िल भूल गए बस वो चेहरा याद रहा।

तेरे साथ जुडी हैं अब मेरी हर ख़ुशी

तेरी यादों के बिना ज़िंदगी अधूरी है,
तू मिल जाये तो माने सोचें पूरी है,
तेरे साथ जुडी हैं अब मेरी हर ख़ुशी,
बाकी सब के साथ हँसना तो बस मजबूरी है।

तुम में घुल जाए कोई चाँद का टुकड़ा..

रोज़ आ जाते हो तुम नींद की मुंडेरों पर,
बादलों में छुपे एक ख़्वाब का मुखड़ा बन कर,
खुद को फैलाओ कभी आसमाँ की बाँहों सा,
तुम में घुल जाए कोई चाँद का टुकड़ा बन कर।

याद उनकी आई और रुलाती चली गयी

तन्हाई मेरे दिल में समाती चली गयी,
किस्मत भी अपना खेल दिखाती चली गयी,
महकती फ़िज़ा की खुशबू में जो देखा प्यार को,
बस याद उनकी आई और रुलाती चली गयी।

किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये

समंदर के सफर में इस तरह आवाज़ दो हमको,
हवाएं तेज़ हो जायें और कश्तियों में शाम हो जाये,
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
ना जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये।

ये दिल भी कितना अजीब है..

हर रात रो-रो के उसे भुलाने लगे,
आंसुओं में उस के प्यार को बहाने लगे,
ये दिल भी कितना अजीब है कि,
रोये हम तो वो और भी याद आने लगे।

कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को

आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की,
लम्हें तो अपने आप मिल जाते हैं,
कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को,
याद वही आते हैं जो उड़ जाते हैं।

आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी

आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी,
जब हम ना होंगे तब हमारी बातें होंगी,
कभी पलटोगे ज़िन्दगी के यह पन्ने,
तब शायद आपकी आँखों से भी बरसातें होंगी।

कितने मीठे हैं उसकी यादों के मंज़र

वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है,
ख्वाबों में दास्ताँ पुरानी भेज देती है,
कितने मीठे हैं उसकी यादों के मंज़र,
कभी-कभी आँखों में पानी भेज देती है।

दिल का दर्द ताजा हुआ,

हर मुलाकात पर वक्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ,
सुनी थी सिर्फ हमने गज़लों मे जुदाई की बातें,
अब खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ!

दिल तोड़कर रोए

वो रोए तो बहुत.. पर मुहं मोड़कर रोए,
कोई तो मजबूरी होगी.. जो दिल तोड़कर रोए,
मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकडे़,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हें जोड़कर रोए.

तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं

उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं,
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं,
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास,
और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं।

दिल तेरी याद में..

दिल तेरी याद में आहें भरता है!
मिलने को पल पल तड़पता है!
मेरा यह सपना टूट न जाये कहीं!
बस इसी बात से दिल डरता है!

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!

इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं

खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं,
दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं,
चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर,
इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !

तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते

आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते,
होंठों से हम कुछ कह नहीं सकते,
कैसे बयाँ करें हम यह हाल-ए-दिल आपको,
कि तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते।

हम खुदा से दर्द की दुआ मांगने लगे

आँखों में देख कर वो दिल की हकीकत जानने लगे,
उनसे कोई रिश्ता भी नहीं फिर भी अपना मानने लगे,
बन कर हमदर्द कुछ ऐसे उन्होंने हाथ थामा मेरा,
कि हम खुदा से दर्द की दुआ मांगने लगे।

पूछे मेरी ये आँखे उनसे कि कितनी मोहब्बत है मुझसे

उनके लबो पर देखो फिर आज मेरा नाम आया है,
लेकर नाम मेरा देखो महबूब आज कितना शरमाया है,
पूछे मेरी ये आँखे उनसे कि कितनी मोहब्बत है मुझसे,
बोले वो पलके झुका कि मेरी हर साँस में बस तू ही समाया है।

यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा

दिल में आप हो और कोई खास कैसे होगा,
यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा,
हिचकियॉं कहती हैं आप याद करते हो,
पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा।

जिंदगी वीरान थी और मौत भी गुमनाम ना हो

चंद साँसे बची हैं आखिरी बार दीदार दे दो,
झूठा ही सही एक बार मगर तुम प्यार दे दो,
जिंदगी वीरान थी और मौत भी गुमनाम ना हो,
मुझे गले लगा लो फिर मौत मुझे हजार दे दो।

बच के रहना इन हुस्न वालों से यारो

चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं,
मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते हैं,
बच के रहना इन हुस्न वालों से यारो,
इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं।

हम जान हैं तुम्हारी या हमारी जान तुम हो

ये याद है तुम्हारी या यादों में तुम हो,
ये ख्वाब हैं तुम्हारे या ख्वाबों में तुम हो,
हम नहीं जानते हमें बस इतना बता दो,
हम जान हैं तुम्हारी या हमारी जान तुम हो।

मजा तो तब ही पीने का यारो

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,
कि वो आज नजरों से हमें अपनी पिलायें;
मजा तो तब ही पीने का यारो,
इधर हम पियें और नशा उनको हो जाये।

मुझे तुम से मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ

ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ,
मुझे तुम से मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ,
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है,
मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ।

जहाँ दिल न लगे, वो बस्ती किस काम की

जिसका वजूद नहीं, वह हस्ती किस काम की,
जो मजा न दे, वह मस्ती किस काम की,
जहाँ दिल न लगे, वो बस्ती किस काम की,
हम आपको याद न करें, तो फिर ये मोहब्बत किस काम की।