बहुत वक़्त लगा हमें आप तक आने में,
बहुत फरियाद की खुदा से आपको पाने में,
कभी यह दिल तोड़ कर मत जाना,
हमने उम्र लगा दी आप जैसा सनम पाने में।
बहुत फरियाद की खुदा से आपको पाने में,
कभी यह दिल तोड़ कर मत जाना,
हमने उम्र लगा दी आप जैसा सनम पाने में।
| मिलने आयेंगे हम आपसे ख्वाबों में, ज़रा रौशनी के दिये बुझा दीजिए, अब और नहीं होता इंतज़ार आपसे मुलाकात का, ज़रा अपनी आँखों के परदे तो गिरा दीजिए। शुभ रात्रि... |
| हँसी आपकी कोई चुरा ना पाये, कभी कोई आपको रुला ना पाये, खुशियों के ऐसे दीप जले ज़िंदगी में, कि कोई तूफ़ान भी उसे बुझा ना पाये। सुप्रभात... |
| ना जाने कौन सा जादू है तेरी बाहों में, शराब सा नशा है तेरी निगाहों में, तेरी तलाश में तेरे मिलने की आस लिए, दुआऐं मॉगता फिरता हूँ मैं दरगाहों में। |
| हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर, हम उसे अपनी खता कहते हैं, वो तो साँसों में बसी है मेरे; जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं। |