कभी यह दिल तोड़ कर मत जाना

बहुत वक़्त लगा हमें आप तक आने में,
बहुत फरियाद की खुदा से आपको पाने में,
कभी यह दिल तोड़ कर मत जाना,
हमने उम्र लगा दी आप जैसा सनम पाने में।

होंठों से हम कुछ कह नहीं सकते

आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते,
होंठों से हम कुछ कह नहीं सकते,
कैसे बयाँ करें हम यह हाल-ए-दिल आपको,
कि तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते।

कि हम खुदा से दर्द की दुआ मांगने लगे

आँखों में देख कर वो दिल की हकीकत जानने लगे,
उनसे कोई रिश्ता भी नहीं फिर भी अपना मानने लगे,
बन कर हमदर्द कुछ ऐसे उन्होंने हाथ थामा मेरा,
कि हम खुदा से दर्द की दुआ मांगने लगे।

देखो महबूब आज कितना शरमाया है

उनके लबो पर देखो फिर आज मेरा नाम आया है,
लेकर नाम मेरा देखो महबूब आज कितना शरमाया है,
पूछे मेरी ये आँखे उनसे कि कितनी मोहब्बत है मुझसे,
बोले वो पलके झुका कि मेरी हर साँस में बस तू ही समाया है।

सोचा बहुत भूल कर ना सोचूंगा तुझे

क्या अच्छा क्या बुरा क्या भला देखा,
जब भी देखा तुझे अपने रु ब रु देखा,
सोचा बहुत भूल कर ना सोचूंगा तुझे,
जिस रात आँख लगी फिर तुझे हर ख्वाब में देखा।

हिचकियॉं कहती हैं आप याद करते हो

दिल में आप हो और कोई खास कैसे होगा,
यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा,
हिचकियॉं कहती हैं आप याद करते हो,
पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा।

सो जाओ मीठे ख़्वाबों में आप

सितारों को भेजा है आपको सुलाने के लिए,
चाँद आया है आपको लोरी सुनाने के लिए,
सो जाओ मीठे ख़्वाबों में आप....
सुबह सूरज को भेजेंगे आपको जगाने के लिए।
शुभ रात्रि..

हर सपना कुछ पाने से पूरा नहीं होता

हर सपना कुछ पाने से पूरा नहीं होता,
कोई किसी के बिन अधूरा नहीं होता,
जो चाँद रौशन करता है रात भर सब को,
हर रात वो भी तो पूरा नहीं होता।
शुभ रात्रि...

मिलने आयेंगे हम आपसे ख्वाबों में

मिलने आयेंगे हम आपसे ख्वाबों में,
ज़रा रौशनी के दिये बुझा दीजिए,
अब और नहीं होता इंतज़ार आपसे मुलाकात का,
ज़रा अपनी आँखों के परदे तो गिरा दीजिए।
शुभ रात्रि...

जैसे चाँद का काम है रात में रौशनी देना

जैसे चाँद का काम है रात में रौशनी देना,
तारों का काम है सारी रात चमकते रहना,
दिल का काम है अपनों की याद में धड़कते रहना,
वैसे हमारा है काम अपनों की सलामती की दुआ करते रहना।
शुभ रात्रि...

हो भी जाये अगर कभी दूरी हमारे दरमियान

साथ ना छूटे आप से कभी यह दुआ करता हूँ,
हाथों में सदा आपका हाथ रहे बस यही फरियाद करता हूँ,
हो भी जाये अगर कभी दूरी हमारे दरमियान,
दिल से ना हों जुदा, रब्ब से यही इल्तिजा करता हूँ।
शुभ रात्रि...

चाँद ने अपनी चांदनी बिखेरी है

चाँद ने अपनी चांदनी बिखेरी है,
और तारों ने आसमान को सजाया है,
कहने को आपको शुभ रात्रि,
देखो रात का फरिश्ता आया है।
शुभ रात्रि...

ख़ुशी से दिल को आबाद करना

ख़ुशी से दिल को आबाद करना,
ग़म को दिल से आज़ाद करना,
बस इतनी गुज़ारिश है आपसे कि,
हो सके तो दुआ में एक याद करना।
शुभ रात्रि...

क्या मांगू मैं खुदा से तेरे वास्ते

क्या मांगू मैं खुदा से तेरे वास्ते,
सदा ख़ुशियाँ ही रहे तेरे रास्ते,
हँसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह,
खुश्बू फूलों का साथ निभाती है जिस तरह।
सुप्रभात....

सुबह-सुबह आपको एक पैगाम देना है

सुबह-सुबह आपको एक पैगाम देना है,
आपको सुबह का पहला सलाम देना है,
गुज़रे सारा दिन आपका ख़ुशी में,
आपकी सुबह को खूबसूरत सा नाम देना है।
सुप्रभात...

हर फूल आपको एक नया अरमान दे

हर फूल आपको एक नया अरमान दे,
सूरज की हर किरण आपको सलाम दे,
निकले कभी जो एक आँसू भी आपका,
तो खुदा आपको उससे दोगुनी मुस्कान दे।
सुप्रभात...

जितनी खूबसूरत ये सुबह है

जितनी खूबसूरत ये सुबह है,
उतना ही खूबसूरत आपका हर पल हो,
जितनी भी खुशियाँ आज आपके पास हैं,
उससे भी अधिक आने वाले कल हो।
सुप्रभात...

हँसी आपकी कोई चुरा ना पाये

हँसी आपकी कोई चुरा ना पाये,
कभी कोई आपको रुला ना पाये,
खुशियों के ऐसे दीप जले ज़िंदगी में,
कि कोई तूफ़ान भी उसे बुझा ना पाये।
सुप्रभात...

सुबह की हर धूप कुछ याद दिलाती है

सुबह की हर धूप कुछ याद दिलाती है,
हर महकती खुशबू एक जादू जगाती है,
कितनी भी व्यस्त क्यों ना हो यह ज़िन्दगी,
सुबह सुबह अपनों की याद आ ही जाती है।
सुप्रभात...

सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है

सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है,
किसी अपने से बात हो तो खास होती है,
हँस के प्यार से अपनों को सुप्रभात बोलो तो,
खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं।
सुप्रभात...

सारा जहाँ उसी का है जो मुस्कुराना जानता है

सारा जहाँ उसी का है जो मुस्कुराना जानता है,
रौशनी भी उसी की है जो शमा जलाना जानता है,
हर जगह मंदिर मस्जिद और गुरूद्वारे हैं लेकिन,
ईश्वर तो उसी का है जो सर झुकाना जानता है।
सुप्रभात...

मुबारक हो आपको खुदा की दी यह जिंदगी

मुबारक हो आपको खुदा की दी यह जिंदगी,
खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी,
गम का साया कभी आप पर ना आये,
दुआ है यह हमारी आप सदा यूँ ही मुस्कुराएं।
सुप्रभात....

जो उड़ते हैं अहम के आसमानों में

जो उड़ते हैं अहम के आसमानों में,
ज़मीन पर आने में वक़्त नहीं लगता,
हर तरह का वक़्त आता है ज़िंदगी में,
वक़्त के गुज़रने में वक़्त नहीं लगता।
सुप्रभात...

हर घर में ख़ुशी की फुहार हो

हर घर में ख़ुशी की फुहार हो,
हर आँगन में सुबह शाम मस्ती की बहार हो,
खुशियों की नदियाँ बहती रहें सब के दिलों में,
ऐसे ही सदा हँसता और मुस्कुराता हर परिवार हो।
सुप्रभात..

खिलखिलाती सुबह, ताज़गी से भरा सवेरा है

खिलखिलाती सुबह, ताज़गी से भरा सवेरा है,
सुबह की बहारों ने आपके लिए रंग बिखेरा है,
सुबह कह रही है जाग जाओ अब नींद से,
आपकी मुस्कुराहट के बिना तो सब अधूरा है।
सुप्रभात...

लम्हों की एक किताब है ज़िन्दगी

लम्हों की एक किताब है ज़िन्दगी,
साँसों और ख्यालों का हिसाब है ज़िन्दगी,
कुछ ज़रूरतें पूरी, कुछ ख्वाहिशें अधूरी,
बस इन्ही सवालों का जवाब है ज़िन्दगी।
सुप्रभात..

दुखों के काँटे में सारे समेट लेता हूँ

तेरे हसीन तस्सवुर का आसरा लेकर,
दुखों के काँटे में सारे समेट लेता हूँ,
तुम्हारा नाम ही काफी है राहत-ए-जान को,
जिससे ग़मों की तेज़ हवाओं को मोड़ देता हूँ।

उनकी बातों का अजी क्या कहिये

कुछ इस तरह से वो मुस्कुराते हैं,
कि परेशान लोग उन्हें देख खुश हो जाते हैं,
उनकी बातों का अजी क्या कहिये,
अल्फ़ाज़ फूल बनकर होंठों से निकल आते हैं।

एक मुक़्क़मल शायरी है तू कुदरत की

तेरी सादगी को निहारने का दिल करता है,
तमाम उम्र तेरे नाम करने को दिल करता है,
एक मुक़्क़मल शायरी है तू कुदरत की,
तुझे ग़ज़ल बना कर जुबां पर लाने को दिल करता है।

हम भटकते रहे थे अनजान राहों में

हम भटकते रहे थे अनजान राहों में,
रात दिन काट रहे थे यूँ ही बस आहों में,
अब तम्मना हुई है फिर से जीने की हमें,
कुछ तो बात है सनम तेरी इस निगाहों में।

मेरे महबूब को तुम ने भी अगर देखा है

आज इस एक नज़र पर मुझे मर जाने दो,
उस ने लोगों बड़ी मुश्किल से इधर देखा है,
क्या ग़लत है जो मैं दीवाना हुआ, सच कहना,
मेरे महबूब को तुम ने भी अगर देखा है।

तेरे नैनों ने काली घटा का काजल लगाया

फ़िज़ाओं का मौसम जाने पर, बहारों का मौसम आया,
गुलाब से गुलाब का रंग तेरे गालों पे आया,
तेरे नैनों ने काली घटा का काजल लगाया,
जवानी जो तुम पर चढ़ी तो नशा मेरी आँखों में आया।

शराब सा नशा है तेरी निगाहों में

ना जाने कौन सा जादू है तेरी बाहों में,
शराब सा नशा है तेरी निगाहों में,
तेरी तलाश में तेरे मिलने की आस लिए,
दुआऐं मॉगता फिरता हूँ मैं दरगाहों में।

सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं

नशीली आँखों से वो जब हमें देखते हैं,
हम घबरा कर आँखें झुका लेते हैं,
कौन मिलाये उन आँखों से आँखें,
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं।

क्यों मिलायें उन आँखों से आँखें

सुर्ख आँखों से जब वो देखते हैं,
हम घबराकर आँखें झुका लेते हैं,
क्यों मिलायें उन आँखों से आँखें,
सुना है वो आँखों से ही अपना बना लेते हैं।

मोहब्बत मुक़द्दर है एक ख्वाब नहीं

मोहब्बत मुक़द्दर है एक ख्वाब नहीं,
ये वो रिश्ता है जिस में सब कामयाब नहीं,
जिन्हें साथ मिला उन्हें उँगलियों पर गिन लो,
जिन्हें मिली जुदाई उनका कोई हिसाब नहीं।

मेरी चाहत में कोई खोट तो नहीं

मेरी चाहत में कोई खोट तो नहीं शामिल,
फिर क्यों वो बार-बार आज़माए मुझे,
दिल उसकी याद से एक पल भी नहीं जुदा,
फिर कैसे मुमकिन है वो भूल जाए मुझे।

वो तो साँसों में बसी है मेरे

हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर,
हम उसे अपनी खता कहते हैं,
वो तो साँसों में बसी है मेरे;
जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।

उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई

उसको चाहा पर इज़हार करना नहीं आया,
कट गयी उम्र पर हमें प्यार करना नहीं आया,
उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई,
और हमें भी इंकार करना नहीं आया।

अगर जिंदगी में जुदाई न होती

अगर जिंदगी में जुदाई न होती,
तो कभी किसी की याद न आई होती,
अगर साथ गुजरा होता, हर लम्हा,
तो शायद रिश्तों में इतनी, गहराई न होती।

तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते

तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते,
तुझसे प्यार कितना है यह हम बता नहीं सकते,
हमें मालूम है ये ज़िन्दगी है चार दिन की लेकिन,
तेरे बिन ये चार दिन तो क्या दो पल भी हम बिता नहीं सकते।

यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में

कुछ बिखरे सपने और आँखों में नमी है,
एक छोटा सा आसमान और उमीदों की ज़मीं है,
यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में,
बस जिसे चाहते हैं उसी की कमी है।

दिल की धड़कन को एक लम्हा सबर नहीं

दिल की धड़कन को, एक लम्हा सबर नहीं,
शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं,
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,
अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।

आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर

आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर,
ना रंग ना रौशनी है तेरे बगैर,
वक़्त अपनी रफ़्तार से चल रहा है,
बस धड़कन थम सी गयी है तेरे बगैर।

वो तो साँसों में बसी है मेरे

हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर,
हम उसे अपनी खता कहते हैं,
वो तो साँसों में बसी है मेरे,
जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।

कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी

ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी,
ये बस एक दास्तां-ए ज़िंदगी होगी,
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा,
कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी।

तेरी सादगी में इतना फरेब था

कैसी अजीब तुझसे यह जुदाई थी,
कि तुझे अलविदा भी ना कह सका,
तेरी सादगी में इतना फरेब था,
कि तुझे बेवफा भी ना कहा सका।

गलतियों से जुदा तु भी नहीं, मैं भी नहीं

गलतियों से जुदा तु भी नहीं, मैं भी नहीं,
दोनों इंसान हैं, ख़ुदा तु भी नहीं, मैं भी नहीं,
गलतफहमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां,
वरना फितरत का बुरा तु भी नहीं था, मैं भी नहीं।

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही तो याद करती हैं,
जब तक देख न लें चेहरा आपका,
तब तक हर घडी आपका इंतज़ार करती हैं।

उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद

उस अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है,
इंकार करने पर भी चाहत का इकरार क्यों है,
उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद,
फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है।

हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह

कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।

ज़रा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले

भले ही राह चलते तू औरों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने,
ज़रा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले।

बिन आपके कुछ भी अच्छा नहीं लगता

बिन आपके कुछ भी अच्छा नहीं लगता,
अब मेरा वजूद भी सच्चा नहीं लगता,
सिर्फ आपके इंतज़ार में कट रही है ये ज़िंदगी,
वरना अब तक तो मौत के आगोश में सो जाती ये ज़िंदगी।

हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते

किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया,
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया,
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर,
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।

ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे

दिल में इंतज़ार की लकीर छोड़ जायेंगे,
आँखों में यादों की नमी छोड़ जायेंगे,
ढूंढ़ते फिरोगे हमें हर जगह एक दिन,
ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे।

कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,
कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं,
जब तक ना कर लें दीदार आपका,
तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों होती है

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों होती है,
जो नहीं मिलता उसी से मोहब्बत क्यों होती है,
कितने खाएं हैं धोखे इस मोहब्बत की राहों में,
फिर भी आँखें उसी के इंतज़ार में क्यों रोती हैं।

दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी

बड़ा अरमान था तेरे साथ जीवन बिताने का,
शिकवा है बस तेरे खामोश रह जाने का,
दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी,
आज भी इंतज़ार है बस तेरे आने का।

हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते

किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया,
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया,
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर,
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।

जिन्हें मिली बे-वफ़ाई महोब्बत में

इंसान के कंधों पर ईंसान जा रहा था,
कफ़न में लिपटा अरमान जा रहा था,
जिन्हें मिली बे-वफ़ाई महोब्बत में,
वफ़ा की तलाश में श्मशान जा रहा था।

दुख न सही गम इस बात का है

वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड़ गई,
खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई,
दुख न सही गम इस बात का है,
आंखो से करके वादा होंठो से तोड़ गई।

वफ़ा के नाम से वोह अनजान थे

वफ़ा के नाम से वोह अनजान थे,
किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे,
हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला!
हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे!

हर धड़कन में एक राज़ होता है

हर धड़कन में एक राज़ होता है,
बात को बताने का भी एक अंदाज़ होता है,
जब तक ना लगे ठोकर बेवाफ़ाई की,
हर किसी को अपने प्यार पर नाज़ होता है।