दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी

बड़ा अरमान था तेरे साथ जीवन बिताने का,
शिकवा है बस तेरे खामोश रह जाने का,
दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी,
आज भी इंतज़ार है बस तेरे आने का।

हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते

किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया,
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया,
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर,
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।

जिन्हें मिली बे-वफ़ाई महोब्बत में

इंसान के कंधों पर ईंसान जा रहा था,
कफ़न में लिपटा अरमान जा रहा था,
जिन्हें मिली बे-वफ़ाई महोब्बत में,
वफ़ा की तलाश में श्मशान जा रहा था।

दुख न सही गम इस बात का है

वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड़ गई,
खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई,
दुख न सही गम इस बात का है,
आंखो से करके वादा होंठो से तोड़ गई।

वफ़ा के नाम से वोह अनजान थे

वफ़ा के नाम से वोह अनजान थे,
किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे,
हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला!
हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे!

हर धड़कन में एक राज़ होता है

हर धड़कन में एक राज़ होता है,
बात को बताने का भी एक अंदाज़ होता है,
जब तक ना लगे ठोकर बेवाफ़ाई की,
हर किसी को अपने प्यार पर नाज़ होता है।

ना तुम दूर जाना ना हम दूर जायेंगे

ना तुम दूर जाना ना हम दूर जायेंगे,
अपने अपने हिस्से की दोस्ती निभायेंगे,
बहुत अच्छा लगेगा ज़िन्दगी का ये सफर,
आप वहाँ से याद करना हम यहाँ से मुस्कुरायेंगे।