हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते

किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया,
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया,
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर,
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।

ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे

दिल में इंतज़ार की लकीर छोड़ जायेंगे,
आँखों में यादों की नमी छोड़ जायेंगे,
ढूंढ़ते फिरोगे हमें हर जगह एक दिन,
ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे।

कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,
कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं,
जब तक ना कर लें दीदार आपका,
तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों होती है

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों होती है,
जो नहीं मिलता उसी से मोहब्बत क्यों होती है,
कितने खाएं हैं धोखे इस मोहब्बत की राहों में,
फिर भी आँखें उसी के इंतज़ार में क्यों रोती हैं।

दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी

बड़ा अरमान था तेरे साथ जीवन बिताने का,
शिकवा है बस तेरे खामोश रह जाने का,
दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी,
आज भी इंतज़ार है बस तेरे आने का।

हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते

किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया,
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया,
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर,
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।