उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद

उस अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है,
इंकार करने पर भी चाहत का इकरार क्यों है,
उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद,
फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है।

हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह

कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।

ज़रा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले

भले ही राह चलते तू औरों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने,
ज़रा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले।

बिन आपके कुछ भी अच्छा नहीं लगता

बिन आपके कुछ भी अच्छा नहीं लगता,
अब मेरा वजूद भी सच्चा नहीं लगता,
सिर्फ आपके इंतज़ार में कट रही है ये ज़िंदगी,
वरना अब तक तो मौत के आगोश में सो जाती ये ज़िंदगी।

हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते

किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया,
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया,
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर,
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।

ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे

दिल में इंतज़ार की लकीर छोड़ जायेंगे,
आँखों में यादों की नमी छोड़ जायेंगे,
ढूंढ़ते फिरोगे हमें हर जगह एक दिन,
ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे।

कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,
कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।