इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी, ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी, देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम, बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।
नज़रें मिल जाएं तो प्यार हो जाता है, पलकें उठ जाएं तो इज़हार हो जाता है, ना जाने क्या कशिश है आपकी चाहत में, कि कोई अनजान भी हमारी ज़िन्दगी का हक़दार हो जाता है।