कहा ये किसी ने कि फूलों से दिल लगाऊं मैं

कहा ये किसी ने कि फूलों से दिल लगाऊं मैं,
अगर तेरा ख्याल न सोचूं तो मर जाऊं मैं,
माँग ना मुझसे तू हिसाब मेरी मोहब्बत का,
आ जाऊं इम्तिहान पे तो हद से गुज़र जाऊं मैं।

जज़्बात बहक जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं

जज़्बात बहक जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं,
अरमान मचल जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं,
आँखों से आँखें, हाथों से हाथ मिल जाते हैं,
दिल से दिल, रूह से रूह मिल जाती है, जब तुमसे मिलते हैं।

ना करो तुम हमसे इतनी मोहब्बत

तेरी मोहब्बत में एक अजब सा नशा है,
तभी तो सारी दुनिया हमसे ख़फ़ा है,
ना करो तुम हमसे इतनी मोहब्बत,
कि दिल ही हमसे पूछे बता तेरी धड़कन कहाँ है।

कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है

कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है,
कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है,
पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से,
तो प्यार जीने की वजह बन जाता है।

सुहाना मौसम और हवा में नमी होगी

सुहाना मौसम और हवा में नमी होगी,
आँसुओं की बहती नदी थमी होगी,
मिलना तो हम तब भी चाहेंगे आपसे,
जब आपके पास वक़्त और हमारे पास साँसों की कमी होगी।

मोहब्बत तो दिल से होती है

होती नहीं है मोहब्बत सूरत से,
मोहब्बत तो दिल से होती है,
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी,
कदर जिनकी दिल में होती है।

देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम

इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी,
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी,
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम,
बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।