रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी

रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।

कुछ रिश्ते अनजाने में बन जाते हैं

कुछ रिश्ते अनजाने में बन जाते हैं,
पहले दिल से फिर ज़िन्दगी से जुड़ जाते हैं,
कहते हैं उस दौर को दोस्ती,
जिसमे अनजाने ना जाने कब अपने बन जाते हैं।

हम दोस्त को ज़िंदगी मानते हैं

सब लोग मंज़िल को मुश्किल मानते हैं,
हम तो मुश्किल को मंज़िल मानते हैं,
बहुत बड़ा फर्क है सब में और हम में,
सब ज़िंदगी को दोस्त और हम दोस्त को ज़िंदगी मानते हैं।

ईद का दिन आज आओ मिलकर करें एक वादा

आज खुदा की हम पर हो मेहरबानी,
करदे माफ़ हम लोगो की सारी नाफ़रमानी,
ईद का दिन आज आओ मिलकर करें  एक वादा,
खुदा की ही राहों में हम चलेंगे सदा यही है हमारा वादा।
ईद मुबारक...

अल्लाह तुम्हारी जिंदगी में इतनी खुशियाँ दे

तू मेरी दुआओं में शामिल है इस तरह,
फूलों में होती है खुशबु जिस तरह,
अल्लाह तुम्हारी जिंदगी में इतनी खुशियाँ दे,
ज़मीन पर होती है बारिश जिस तरह।
ईद मुबारक...

ईद है ख़ुदा का एक नायाब तबारक

ईद लेकर आती है ढेर सारी खुशियां,
ईद मिटा देती है इंसान में दूरियां,
ईद है ख़ुदा का एक नायाब तबारक,
और हम भी कहते हैं आपको ईद मुबारक।

ऐ चाँद उनको मेरा पैग़ाम कहना

ऐ चाँद उनको मेरा पैग़ाम कहना,
ख़ुशी का दिन हँसी की शाम कहना,
जब वो देखें तुम्हें आकर बाहर,
उनको मेरी तरफ से ईद मुबारक़ कहना।
ईद मुबारक़...