सब लोग मंज़िल को मुश्किल मानते हैं, हम तो मुश्किल को मंज़िल मानते हैं, बहुत बड़ा फर्क है सब में और हम में, सब ज़िंदगी को दोस्त और हम दोस्त को ज़िंदगी मानते हैं।
आज खुदा की हम पर हो मेहरबानी, करदे माफ़ हम लोगो की सारी नाफ़रमानी, ईद का दिन आज आओ मिलकर करें एक वादा, खुदा की ही राहों में हम चलेंगे सदा यही है हमारा वादा। ईद मुबारक...
तू मेरी दुआओं में शामिल है इस तरह, फूलों में होती है खुशबु जिस तरह, अल्लाह तुम्हारी जिंदगी में इतनी खुशियाँ दे, ज़मीन पर होती है बारिश जिस तरह। ईद मुबारक...