उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं,
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं,
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास,
और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं।
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं,
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास,
और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं।
| उनके लबो पर देखो फिर आज मेरा नाम आया है, लेकर नाम मेरा देखो महबूब आज कितना शरमाया है, पूछे मेरी ये आँखे उनसे कि कितनी मोहब्बत है मुझसे, बोले वो पलके झुका कि मेरी हर साँस में बस तू ही समाया है। |