कितने मीठे हैं उसकी यादों के मंज़र

वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है,
ख्वाबों में दास्ताँ पुरानी भेज देती है,
कितने मीठे हैं उसकी यादों के मंज़र,
कभी-कभी आँखों में पानी भेज देती है।

दिल का दर्द ताजा हुआ,

हर मुलाकात पर वक्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ,
सुनी थी सिर्फ हमने गज़लों मे जुदाई की बातें,
अब खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ!

दिल तोड़कर रोए

वो रोए तो बहुत.. पर मुहं मोड़कर रोए,
कोई तो मजबूरी होगी.. जो दिल तोड़कर रोए,
मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकडे़,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हें जोड़कर रोए.

तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं

उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं,
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं,
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास,
और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं।

दिल तेरी याद में..

दिल तेरी याद में आहें भरता है!
मिलने को पल पल तड़पता है!
मेरा यह सपना टूट न जाये कहीं!
बस इसी बात से दिल डरता है!

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!

इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं

खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं,
दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं,
चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर,
इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !