सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।
| हर बात का कोई जवाब नही होता, हर इश्क का नाम खराब नही होता, यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले, मगर हर नशे का नाम शराब नही होता। |
| तन्हाई मेरे दिल में समाती चली गयी, किस्मत भी अपना खेल दिखाती चली गयी, महकती फ़िज़ा की खुशबू में जो देखा प्यार को, बस याद उनकी आई और रुलाती चली गयी। |