जहाँ तक तुम हो..

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।

यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले..

हर बात का कोई जवाब नही होता,
हर इश्क का नाम खराब नही होता,
यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले,
मगर हर नशे का नाम शराब नही होता।

ना जाने क्या बात थी उनमे...

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमे और हम में,
सारी महफ़िल भूल गए बस वो चेहरा याद रहा।

तेरे साथ जुडी हैं अब मेरी हर ख़ुशी

तेरी यादों के बिना ज़िंदगी अधूरी है,
तू मिल जाये तो माने सोचें पूरी है,
तेरे साथ जुडी हैं अब मेरी हर ख़ुशी,
बाकी सब के साथ हँसना तो बस मजबूरी है।

तुम में घुल जाए कोई चाँद का टुकड़ा..

रोज़ आ जाते हो तुम नींद की मुंडेरों पर,
बादलों में छुपे एक ख़्वाब का मुखड़ा बन कर,
खुद को फैलाओ कभी आसमाँ की बाँहों सा,
तुम में घुल जाए कोई चाँद का टुकड़ा बन कर।

याद उनकी आई और रुलाती चली गयी

तन्हाई मेरे दिल में समाती चली गयी,
किस्मत भी अपना खेल दिखाती चली गयी,
महकती फ़िज़ा की खुशबू में जो देखा प्यार को,
बस याद उनकी आई और रुलाती चली गयी।

किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये

समंदर के सफर में इस तरह आवाज़ दो हमको,
हवाएं तेज़ हो जायें और कश्तियों में शाम हो जाये,
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
ना जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये।