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गुस्से में जो छोड़ जाये वो वापस आ सकता है,मुस्कुराकर छोड़ जाने वाला कभी वापस नही आता..
जब भी दिल खोल के रोए होंगेलोग आराम से सोए होंगे- अहमद फ़राज़
सुना है दिन को उसे तितलियाँ सताती हैं...!!सुना है रात को जुगनू ठहर के देखते हैं...!!
~अहमद फ़राज़
किसे तहजीब कहते है वह खुद ही समझ जायेंगे तुम अपने बच्चों को फ़कत ऊर्दू सिखा देना❤❤❤
#झुठे हैं वो लोग जो कहते हैं "हम सब मिट्टी से बने हैं....!!
#मैं कई अपनों से वाकीफ हूं, जो #पत्थर के बने हैं!!
ऊपर बाले मेरी तक़दीर संभाले रखनाज़मीन के सारे खुदाओं से उलझ बैठा हूँ मैं 🙏सुप्रभात🙏
चार दिन है जिंदगी, हँसी खुशी में काट ले ।मत किसी का दिल दुखा, दर्द सबके बाँट ले ।।
कुछ नही है साथ जाना, एक नेकी के सिवा ।कर भला, होगा भला, गांठ में ये बांध लें ..।।
🙏सुभप्रभात🙏