Love Shayari


इस्लाम में मोहब्बत करना हराम नहीं है पर शर्त ये हैं कि जिससे मोहब्बत करो उसी से “ निक़ाह ” करो 


Love Shayari


ऐ-खुदा बस इतनी सी उम्र चाहिए 
ना मरू उससे पहले और ना जियूँ उसके बाद


Love Shayari


तुम्हें छोड़कर कभी नहीं जाएंगे
क्योंकि तुम्हारे बिना हम जीते जी मर जायेंगे


Love Status


तुम्हारे संग चलना है 
शरीयत के उसूलों पर 


Love Status


नज़र-नज़र का फ़र्क होता हैं हुस्न का नहीं
महबूब जिसका भी हो बे-मिसाल होता हैं


Romantic Love Shayari


मेरे इस दिल को तुम ही रखलो ना 
बड़ी फ़िक्र रहती हैं इसे तुम्हारी


Love Shayari


नज़रों के तीर चलाना हम भी जानतें हैं
बस डरतें हैं कि कहीं निशाना दिल पे ना लग जाएं