1. तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने,
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने,
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल,
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने आपको।
2. मेरी साँसों को भी आज टूट जाने दे ए-खुदा,
मेरे ख्वाबों की तरह, उसके वादों की तरह,
तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में,
रुह तक गिरवी है मेरी, तेरी चाहत में.।
3. एक फूल का दर्द उसकी झुकी डाली समझती है,
बाग की बात बाग का माली ही समझता है,
ये किस तरह की रात बनाई हैं दुनियावालो ने,
दिए का दिल जलता हे और लोग रोशनी समझते हैं।
4. वो हर बार अगर रूप बदल कर न आया होता,
धोका मैने न उस शख्स से यूँ खाया होता,
रहता अगर याद कर तुझे लौट के आती ही नहीं,
ज़िन्दगी फिर मैने तुझे यूं न गवाया होता।
5. तू तो हँस हँसकर जी रही है, जुदा होकर भी,
कैसे जी पाया होगा वो,
जिसने तेरे सिवा जिन्दगी कभी सोची ही नहीं।
6. यह आरजू नहीं कि किसी को भुलाएं हम,
न तमन्ना है कि किसी को रुलाएं हम,
जिसको जितना याद करते हैं,
उसे भी उतना याद आयें हम।
















