| होंठों पे उल्फत के फ़साने नहीं आते, जो बीत गए फिर वो ज़माने नहीं आते, दोस्त ही होते हैं दोस्तों के हमदर्द, कोई फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते। |
कोई फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते
हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं
| दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं, पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं, हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है, कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं। |
ज़िंदगी भी बन जाएगी अपनी तो जन्नत
| ज़िंदगी के तूफानों का साहिल है तेरी दोस्ती, दिल के अरमानों की मंज़िल है तेरी दोस्ती, ज़िंदगी भी बन जाएगी अपनी तो जन्नत, अगर मौत आने तक साथ दे तेरी दोस्ती। |
दोस्ती दर्द नहीं खुशियों की सौगात है
दोस्ती दर्द नहीं खुशियों की सौगात है,
किसी अपने का ज़िंदगी भर का साथ है,
ये तो दिलों का वो खूबसूरत एहसास है,
जिसके दम से रौशन ये सारी कायनात है।
किसी अपने का ज़िंदगी भर का साथ है,
ये तो दिलों का वो खूबसूरत एहसास है,
जिसके दम से रौशन ये सारी कायनात है।
तुम्हारी दोस्ती इतनी खूबसूरत है
| ऐ दोस्त तुम पे लिखना कहाँ से शुरू करूँ, अदा से करूँ या हया से करूँ, तुम्हारी दोस्ती इतनी खूबसूरत है, पता नहीं कि तारीफ ज़ुबाँ से करूँ या दुआ से करूँ। |
दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं
अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं,
दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं,
हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी,
अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं,
हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी,
अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी
रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
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