earnshayro
earn money by shayri
Pages
Home
write shyari and earn money
आग उगलते हैं तेरे शहर के लोग
कैसे आऊं तेरे शहर की ओर,
आग उगलते हैं तेरे शहर के लोग,
मैं तो टूटा एक साक का पत्ता हूँ,
फूल तक कुचलते हैं तेरे घर के लोग.
Newer Post
Older Post
Home