यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा

तू ही बता दिल कि तुम्हें समझाऊं कैसे,
जिसे चाहता है तू उसे नज़दीक लाऊँ कैसे,
यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा,
मगर उस एहसास को ये एहसास दिलाऊं कैसे।