Bewafai Shayari


जिनकी आँखें आँसू से नम नहीं
क्या समझते हो उसे कोई ग़म नहीं
तुम तड़प के रो दिए तो क्या हुआ 
ग़म छुपा के हँसने वाले भी कम नहीं