किसी को मेरी मौत से खुशी मिल जाए...तो क्या बात हो
किताबो के पन्नों को पलट के सोचता हूँ,
यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात हो
ख्वाबो में जो रोज़-रोज़ मिलती है
हकीकत में मिल जाए, तो क्या बात हो
मतलब के लिए तो सब ढूँढ़ते हैं मुझको
बिन मतलब के जो पास आये कोई...तो क्या बात हो
कत्ल करके तो सब ले जायेंगे दिल मेरा
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात हो
जिंदा रहने तक ख़ुशी दूँगा सबको
किसी को मेरी मौत से खुशी मिल जाए...तो क्या बात हो !
यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात हो
ख्वाबो में जो रोज़-रोज़ मिलती है
हकीकत में मिल जाए, तो क्या बात हो
मतलब के लिए तो सब ढूँढ़ते हैं मुझको
बिन मतलब के जो पास आये कोई...तो क्या बात हो
कत्ल करके तो सब ले जायेंगे दिल मेरा
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात हो
जिंदा रहने तक ख़ुशी दूँगा सबको
किसी को मेरी मौत से खुशी मिल जाए...तो क्या बात हो !
हमरा चेहरा याद आयेगा
अंदाज़ निगाहों के जुबां पे आयेगा,
उस दिन तुम्हे चेहरा हमरा याद आयेगा
पछताओगे तुम उस दिन, जिस दिन
ये हमसफ़र जहाँ से चला जायेगा!!
Gulshan Per Ghar Bnayenge !
Waqt Aane Per Gulshan Per Ghar Bnayenge,
Bahare Aayengi Aur Hum Bhi Muskurange,
Hum Koi Phool Nahi Jo Masal Doge,
Hum To Khusbu Hain Jo Hawaoon Me Bikhr Jayenge
Kasam Se Hum Muskurana Chhod Denge !
Agar Wo Khush Dekh Ke Aansu Mere Aankhon Me,
Khuda Kasam Hum Muskurana Chhod Denge,
Tadapte Rahenge zindagi Bhar Dekhne Ko Usko,
Kasam Se Unki Tarf Nazrein Uthana Chhod Denge !
Khuda Kasam Hum Muskurana Chhod Denge,
Tadapte Rahenge zindagi Bhar Dekhne Ko Usko,
Kasam Se Unki Tarf Nazrein Uthana Chhod Denge !
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