| हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर, हम उसे अपनी खता कहते हैं, वो तो साँसों में बसी है मेरे; जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं। |
वो तो साँसों में बसी है मेरे
उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई
उसको चाहा पर इज़हार करना नहीं आया,
कट गयी उम्र पर हमें प्यार करना नहीं आया,
उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई,
और हमें भी इंकार करना नहीं आया।
कट गयी उम्र पर हमें प्यार करना नहीं आया,
उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई,
और हमें भी इंकार करना नहीं आया।
अगर जिंदगी में जुदाई न होती
अगर जिंदगी में जुदाई न होती,
तो कभी किसी की याद न आई होती,
अगर साथ गुजरा होता, हर लम्हा,
तो शायद रिश्तों में इतनी, गहराई न होती।
तो कभी किसी की याद न आई होती,
अगर साथ गुजरा होता, हर लम्हा,
तो शायद रिश्तों में इतनी, गहराई न होती।
तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते
तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते,
तुझसे प्यार कितना है यह हम बता नहीं सकते,
हमें मालूम है ये ज़िन्दगी है चार दिन की लेकिन,
तेरे बिन ये चार दिन तो क्या दो पल भी हम बिता नहीं सकते।
तुझसे प्यार कितना है यह हम बता नहीं सकते,
हमें मालूम है ये ज़िन्दगी है चार दिन की लेकिन,
तेरे बिन ये चार दिन तो क्या दो पल भी हम बिता नहीं सकते।
यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में
कुछ बिखरे सपने और आँखों में नमी है,
एक छोटा सा आसमान और उमीदों की ज़मीं है,
यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में,
बस जिसे चाहते हैं उसी की कमी है।
एक छोटा सा आसमान और उमीदों की ज़मीं है,
यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में,
बस जिसे चाहते हैं उसी की कमी है।
दिल की धड़कन को एक लम्हा सबर नहीं
दिल की धड़कन को, एक लम्हा सबर नहीं,
शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं,
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,
अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।
शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं,
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,
अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।
आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर
आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर,
ना रंग ना रौशनी है तेरे बगैर,
वक़्त अपनी रफ़्तार से चल रहा है,
बस धड़कन थम सी गयी है तेरे बगैर।
ना रंग ना रौशनी है तेरे बगैर,
वक़्त अपनी रफ़्तार से चल रहा है,
बस धड़कन थम सी गयी है तेरे बगैर।
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