यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में

कुछ बिखरे सपने और आँखों में नमी है,
एक छोटा सा आसमान और उमीदों की ज़मीं है,
यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में,
बस जिसे चाहते हैं उसी की कमी है।