तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते

तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते,
तुझसे प्यार कितना है यह हम बता नहीं सकते,
हमें मालूम है ये ज़िन्दगी है चार दिन की लेकिन,
तेरे बिन ये चार दिन तो क्या दो पल भी हम बिता नहीं सकते।

यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में

कुछ बिखरे सपने और आँखों में नमी है,
एक छोटा सा आसमान और उमीदों की ज़मीं है,
यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में,
बस जिसे चाहते हैं उसी की कमी है।

दिल की धड़कन को एक लम्हा सबर नहीं

दिल की धड़कन को, एक लम्हा सबर नहीं,
शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं,
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,
अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।

आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर

आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर,
ना रंग ना रौशनी है तेरे बगैर,
वक़्त अपनी रफ़्तार से चल रहा है,
बस धड़कन थम सी गयी है तेरे बगैर।

वो तो साँसों में बसी है मेरे

हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर,
हम उसे अपनी खता कहते हैं,
वो तो साँसों में बसी है मेरे,
जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।

कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी

ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी,
ये बस एक दास्तां-ए ज़िंदगी होगी,
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा,
कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी।

तेरी सादगी में इतना फरेब था

कैसी अजीब तुझसे यह जुदाई थी,
कि तुझे अलविदा भी ना कह सका,
तेरी सादगी में इतना फरेब था,
कि तुझे बेवफा भी ना कहा सका।