उनकी बातों का अजी क्या कहिये

कुछ इस तरह से वो मुस्कुराते हैं,
कि परेशान लोग उन्हें देख खुश हो जाते हैं,
उनकी बातों का अजी क्या कहिये,
अल्फ़ाज़ फूल बनकर होंठों से निकल आते हैं।