मैं अबरार खान आपका स्वागत करता हूं अपने इस ब्लॉग पर, आपको यहां बहुत ही खूबसूरत शायरियों का कलेक्शन मिलेगा। मैं आशा करता हूं आपको ये शायरियां पसंद आयेगी। अगर आपको मेरी शायरियां अच्छी लगती है तो कमेन्ट करके जरूर बताए धन्यवाद।
1. गीली लकड़ी सा इश्क तुमने सुलगाया है,
न पूरा जल पाया कभी न ही बुझ पाया है।
2. प्यार-ओ-उल्फ़त वफ़ा हमदर्दी मोहब्बत ये सब,
कौन हैं दुनिया में अब इन को निभाने वाले।
2. रास्तों में पत्थरो की कमी नही है,
मन में टूटे सपनो की कमी नहीं है,
चाहत है उनको अपना बनाने की,
मगर उनके पास अपनों की कमी नहीं है।
3. कल फुर्सत न मिली तो क्या होगा,
इतनी मोहब्बत न मिली तो क्या होगा,
रोज कहते हो कल मिलेंगे कल मिलेंगे,
कल आँखे न खुली तो क्या होगा।
4. इंतजार तो बस उस दिन का है,
जिस दिन तुम्हारे नाम के पीछे हमारा नाम लगेगा।
लग रहा है भूल गए हो शायद,
या फ़िर कमाल का सब्र रखते हो।
टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता,
इश्क में मरीज़ को आराम नहीं आता,
अब बेवफा दिल तोड़ने से पहले यह सोच लिया होता,
की टूटा हआ दिल किसी से कम नहीं होता।
1. गीली लकड़ी सा इश्क तुमने सुलगाया है,
न पूरा जल पाया कभी न ही बुझ पाया है।
2. प्यार-ओ-उल्फ़त वफ़ा हमदर्दी मोहब्बत ये सब,
कौन हैं दुनिया में अब इन को निभाने वाले।
2. रास्तों में पत्थरो की कमी नही है,
मन में टूटे सपनो की कमी नहीं है,
चाहत है उनको अपना बनाने की,
मगर उनके पास अपनों की कमी नहीं है।
3. कल फुर्सत न मिली तो क्या होगा,
इतनी मोहब्बत न मिली तो क्या होगा,
रोज कहते हो कल मिलेंगे कल मिलेंगे,
कल आँखे न खुली तो क्या होगा।
4. इंतजार तो बस उस दिन का है,
जिस दिन तुम्हारे नाम के पीछे हमारा नाम लगेगा।
लग रहा है भूल गए हो शायद,
या फ़िर कमाल का सब्र रखते हो।
टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता,
इश्क में मरीज़ को आराम नहीं आता,
अब बेवफा दिल तोड़ने से पहले यह सोच लिया होता,
की टूटा हआ दिल किसी से कम नहीं होता।




