मैं अबरार खान आपका स्वागत करता हूं अपने इस ब्लॉग पर, आपको यहां बहुत ही खूबसूरत शायरियों का कलेक्शन मिलेगा। मैं आशा करता हूं आपको ये शायरियां पसंद आयेगी। अगर आपको मेरी शायरियां अच्छी लगती है तो कमेन्ट करके जरूर बताए धन्यवाद।
गुनाह बहुत किया है जिंदगी में लेकिन,
जा वहाँ मिली जहाँ हम बेकसूर थी।
हम अपने सारे एहसास समेट ले जायेंगे,
हौसला रख जल्द ही हम तुझसे बहुत दूर चले जायेंगे।
फासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना,
के मोहब्बत बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती है।
वहम से भी अक्सर खत्म हो जाते हैं कुछ रिश्ते,
कसूर हर बार गलतियों का नही होता है।
तुमसे बिछड़ कर अच्छा नहीं लगता,
फासलों में रहना अच्छा नहीं लगता,
हम तुमको हर पल याद करते है,
मगर बार बार भी तो यह कहना अच्छा नहीं लगता।
तलब में शुमार इस कदर दीदार उनका,
सौ बार भी मिल जाये अधूरा लगता है।
एक चाहत थी तेरे साथ जीने की,
वर्ना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी।
दूर निगाहों से बार बार जाया न करो,
दिल को इस कदर तड़पाया न करो,
तुम बिन एक पल न जी सकेंगे हम,
ये एहसास बार बार दिलाया न करो।
गुनाह बहुत किया है जिंदगी में लेकिन,
जा वहाँ मिली जहाँ हम बेकसूर थी।
हम अपने सारे एहसास समेट ले जायेंगे,
हौसला रख जल्द ही हम तुझसे बहुत दूर चले जायेंगे।
फासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना,
के मोहब्बत बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती है।
वहम से भी अक्सर खत्म हो जाते हैं कुछ रिश्ते,
कसूर हर बार गलतियों का नही होता है।
तुमसे बिछड़ कर अच्छा नहीं लगता,
फासलों में रहना अच्छा नहीं लगता,
हम तुमको हर पल याद करते है,
मगर बार बार भी तो यह कहना अच्छा नहीं लगता।
तलब में शुमार इस कदर दीदार उनका,
सौ बार भी मिल जाये अधूरा लगता है।
एक चाहत थी तेरे साथ जीने की,
वर्ना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी।
दूर निगाहों से बार बार जाया न करो,
दिल को इस कदर तड़पाया न करो,
तुम बिन एक पल न जी सकेंगे हम,
ये एहसास बार बार दिलाया न करो।




