मैं अबरार खान आपका स्वागत करता हूं अपने इस ब्लॉग पर, आपको यहां बहुत ही खूबसूरत शायरियों का कलेक्शन मिलेगा। मैं आशा करता हूं आपको ये शायरियां पसंद आयेगी। अगर आपको मेरी शायरियां अच्छी लगती है तो कमेन्ट करके जरूर बताए धन्यवाद।
यूँ तो मुद्दत गुज़ार दी है हमने तेरे बगैर पर आज भी,
तेरी यादों का एक झोंका मुझे टुकड़ों में बिखेर देता है।
2. मरना भी मुश्किल है जिस शख्स के बगैर,
उस शख्स ने ख्वाबों में भी आना छोड़ दिया।
तुमने कहा था हर शाम हाल पूछा करेंगे,
बदल गए हो या तुम्हारे यहाँ शाम नहीं होती।
3. सुलझा हुआ सा समझते हैं मुझको लोग,
उलझा हुआ सा मुझमें कोई दूसरा भी है।
तेरी चाहत मेरी आँखों में है तेरी खुशबू मेरी सांसो में है,
मेरे दिल को जो घायल कर जाए ऐसी अदा सिर्फ तेरी बातो में है।
4. दिल की आवाज़ को इज़हार कहते है,
झुकी निगाह को इकरार कहते है,
सिर्फ़ पाने का नाम इश्क़ नही,
कुछ खोने को भी प्यार कहते है।
5.शिकवा उन्हें भी बहुत है,गिला हमे भी कम नहीं,
फर्क है तो सिर्फ इतना,वो कहने से कभी चूकते नहीं,
और हमे कहने का साहस नहीं.
1. यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड कर देखने की,
पर आपको देखा तो लगा एक और बार देखूं।यूँ तो मुद्दत गुज़ार दी है हमने तेरे बगैर पर आज भी,
तेरी यादों का एक झोंका मुझे टुकड़ों में बिखेर देता है।
2. मरना भी मुश्किल है जिस शख्स के बगैर,
उस शख्स ने ख्वाबों में भी आना छोड़ दिया।
तुमने कहा था हर शाम हाल पूछा करेंगे,
बदल गए हो या तुम्हारे यहाँ शाम नहीं होती।
3. सुलझा हुआ सा समझते हैं मुझको लोग,
उलझा हुआ सा मुझमें कोई दूसरा भी है।
तेरी चाहत मेरी आँखों में है तेरी खुशबू मेरी सांसो में है,
मेरे दिल को जो घायल कर जाए ऐसी अदा सिर्फ तेरी बातो में है।
4. दिल की आवाज़ को इज़हार कहते है,
झुकी निगाह को इकरार कहते है,
सिर्फ़ पाने का नाम इश्क़ नही,
कुछ खोने को भी प्यार कहते है।
5.शिकवा उन्हें भी बहुत है,गिला हमे भी कम नहीं,
फर्क है तो सिर्फ इतना,वो कहने से कभी चूकते नहीं,
और हमे कहने का साहस नहीं.




