कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया,
जिसे ढूंढ़ता रहा मैं लोगों की भीड़ में,
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया।
2. चाँद की रातों मे सारा जँहा सोता है,
लेकिन किसी की यादों मे कोई बदनसीब रोता हैं,
खुदा किसी को मोहब्बत पे फिदा न करे,
अगर करे तो किसी को जुदा न करें।
3. अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो,
मैं खुद लौट जाऊँगा मुझे नाकाम तो होने दो,
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना,
मैं खुद हो जाऊँगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।
4. टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी,
मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से,
के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी।
5. नज़रे मिले तो प्यार हो जाता है;
पलके उठे तो इज़हार हो जाता हैं;
ना जाने क्या कशिश हैं चाहत में;
कि कोई अनजान भी हमारी;
जिंदगी का हक़दार हो जाता है।



