हिंदी शायरी : बस कोई अपना नज़र अंदाज़ करे तो बर्दाश्त नहीं होता



1. मशहूर होना पर मगरुर न होना,
कामयाबी से नशे मे चूर न होना,
मिल जाए सारी कायनात आपको अगर,
इसके लिए कभी अपनो से दूर मत होना।
Rishte hindi shayri
2. दर्द है दिल में पर इसका एहसास नही होता है,
रोता है दिल जब वो पास नही होता है,
हम बर्बाद हो गये उसके प्यार में,
और वो कहते हैं, इस तरह से कभी प्यार नही होता है।
Rishte hindi shayri
3. तुम्हारी याद में आंसू बहाना यूँ भी जरूरी है,
रुके दरिया के पानी को तो प्यासा भी नहीं छूता।
अब तो मेरी आँख में एक अश्क भी नहीं,
पहले की बात और थी गम था नया नया।
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4. तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में,
बस कोई अपना नज़र अंदाज़ करे तो बर्दाश्त नहीं होता।
गैरों से मुहब्बत होने लगी है आजकल मुझे,
जैसे जैसे अपनों को आजमाता जा रहा हूँ।
Rishte hindi shayri
5. अपने अहम् को थोड़ा-सा झुका के चलिये,
सब अपने लगेंगे ज़रा-सा मुस्कुरा के चलिये।
गैर थे कौन, अपने थे कौन, हम ये समझ न पाए,
हमने देखा जिधर भी, चेहरे बदले से नजर आए।