गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सकून से सोया करते थे।
2. रूकता भी नहीं ठीक से चलता भी नही,
यह दिल है के तेरे बाद सँभलता ही नही।
3. ज़िन्दगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है,
जुल्फों-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है,
भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में,
इश्क ही एक हकीकत नहीं कुछ और भी है।
4. मैं शिकवा करूँ भी तो किस से करूँ,
अपना ही मुकद्दर है अपनी ही लकीरें हैं।
अभी म्यान में तलवार मत रख अपनी,
अभी तो शहर में एक बे-क़सूर बाकी है।
5. दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,
बरबाद हो गए हम उनके प्यार में,
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता।
ये मत कहना के तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा,
मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा,
तुम्हारी चाहतो के फूल तो महफूज रहे हैं,
तुम्हारी नफरतों कि पीर को जिंदा नहीं रखा।



