हिंदी शायरी : जिस किसी को भी चाहो वो बेवफा हो जाता है



1. मैंने कुछ इस तरह से खुद को संभाला है,
तुझे भुलाने को दुनिया का भरम पाला है,
अब किसी से मुहब्बत मैं नहीं कर पाता,
इसी सांचे में एक बेवफा ने मुझे ढाला है।
Hindi Message shayri
2. दिल से दूर जिन्हें हम कर ना सके,
पास भी उन्हें हम कभी पा ना सके,
मिटा दिया प्यार जिसने हमारे दिल से,
हम उनका नाम लिख कर भी मिटा ना सके।
Hindi message shayri
3. उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है।
Hindi message shayri
4. जिस किसी को भी चाहो वो बेवफा हो जाता है,
सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है,
जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो,
काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है।
Hindi message shayri
5. कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।